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Sunday, 17 April 2016

आखिर नये व्यवसाय में असफलता क्यों?

प्रिये पाठकों! कई वर्षों तक मैंने अपने कर्येक्षेत्र में सम्पर्ण के साथ परिश्रम करने के बाद जब सफलता को प्राप्त किया, तो मेरी खुशी का ठिकाना ही नहीं रहा! मैंने जानना ही नहीं चाहा कि मेंरी सफलता का राज क्या था? मैंने सफलता के उन चरणों का अध्ययन ही नहीं किया था, परिणामस्वरूप मेरे अन्दर घमण्ड का आ जाना लाजमी था...... मुझे अब ऐसा लगने लगा था की मैं किसी भी पेशे में सफल हो सकता हूँ! एक दिन मेरे एक मित्र ने एक बड़ी नेटवर्किंग कम्पनी का प्लान दिखाया और मैंने ज्वाइन कर लिया! मैंने पहले दिन से ही अपने आप को “एचीवर्स” की श्रेणी में रख कर काम करना प्रारम्भ किया! एक वर्ष तक निरन्तर काम करने के बावजूद मैं वह मुकाम नहीं बना सका, जिसे मुझसे कम-पढ़े लिखे तथा अन्य पेशे के असफल व्यक्तियों ने बना ली! अब मैं हत्तोत्साहित होने लगा, परिणामस्वरूप चिडचिडापन बढ़ने लगा, और इसका दुष्प्रभाव मेरे अपने व्यवसाय पर पड़ा! मैं पेशे से एक गणित का शिक्षक हूँ!छात्रों द्वारा समस्या रखने पर मैं उन्हें डाटने लगा! जो छात्र मुझसे अधिक-से अधिक समय बिताना चाहते थे वे अब मुझसे से मिलने से भी कतराने लगे! इसी क्रम मैं मेरी मुलाकात एक नेटवर्किंग कम्पनी के सफलतम प्रशिक्षक श्री कुसुम कान्त  गर्ग जी से हुई! उनको मेरी असफलता के विषय में जानकारी थी क्योकि मेरे अपलाइन के स्पोंसर थे! उन्होंने मुझे यह बताया कि राजेश किसी भी व्यवसाय में सफलता के लिए तुम्हे एक सूत्र बताता हूँ अगर तुमने उसका अनुसरण किया तो तुम्हारी सफलता निश्चित है!  परन्तु सबसे पहले तुम्हे यह स्पष्ट कर दूँ कि जब कभी हम कोई व्यवसाय शूरु करते हैं; तो सबसे पहले सफल हो जाना चाहते हैं, और यही से असफलता की शुरू आत होती हैं! 

आइये ! मैं आपको भी वही सूत्र बतलाता हूँ: जो आपकी सफलता की सीडी बनेगी ! 
वह सूत्र हैं : - ULTA  “Ulta” जैसा की इसका उच्चारण हैं “उल्टा” वैसे ही इसे नीचे से समझना और शुरू करना है!
A- Achievements (उपलब्धियां) 
T-Teaching (शिक्षण)
L- Learning (सीखना) 
U- Understanding (समझना) 
सर्वप्रथम किसी भी नेटवर्किंग की शुरुआत करते समय उसके कार्य प्रणाली उत्त्पाद, उपयोगिता, आय तथा कम्पनी के दिशा-निर्धेश की समझ अति आवश्यक हैं! 

इसके बाद कम्पनी की मीटिंग्स, सेमिनार तथा शैक्षिणिक सेशनस में शामिल होकर सीखना हैं! 

सिखने के बाद यदि आप अन्य लोगो से मिलकर अन्य लोगो को सिखाना प्रारम्भ कर देते है, तो आपकी सफलता निश्चित हैं! 

अपने व्यवसाय को A से शुरू करते हैं, पहले दिन ही उपलब्धियों को पाना चाहते हैं, और कुछ नहीं कर पाते हैं! इस श्रेणी मैं ९९% लोग आते हैं! यही कारण हैं की लोग असफल हो जाते हैं! 

सफलता के इस सात चरणों को ध्यान से फॉलो करे: और सफल बने!
 Step-1.       Be  a worker
 Step-2.       Be a learner 
 Step-3.       Start teaching 
 Step-4.       Begin manage and become manager 
 Step-5.       Promote others start leading be a leader 
 Step-6.       Create a leader 
 Step-7.       Become achiever.

अपने मन का भय दूर करना है तो करें यह काम

ध्यान का मतलब हैः खोना, विलीन होना। ध्यान का अर्थ हैः मिटना। तुम्हारी सारी परिचित भूमि विलीन हो जाएगी। तुम अपरिचित लोक में संचरण करोगे। तुम्हारे विचारों का जगत पीछे छूट जाएगा, जो तुम्हारा घर रहा सदियों से, जन्मों से। तुम अचानक बेघरबार हो जाओगे। विचारों की छाया हट जाएगी, छप्पर टूट जाएगा। तुम शून्य में उतरोगे, निर्विचार में डूबोगे-खतरा है।सागर में उतरने जैसा है छोटी सी डोंगी लेकर। दूसरा किनारा दिखाई नहीं पड़ता और यह किनारा छोड़ना पड़ रहा है। भय तो लगेगा ही। उत्ताल तरंगें हैं, हाथ में कोई नक्शा भी नहीं है। 

दूसरी तरफ पहुंचा है कोई, इसका पक्का भरोसा भी नहीं, क्योंकि लौट कर कोई आता नहीं।ध्यान बड़ी गहन यात्रा है इसलिए भय तो लगेगा। भय स्वाभाविक है। इसमें कुछ अस्वाभाविक नहीं है। लेकिन भय से उठना जरूरी है, अन्यथा यात्रा शुरू न होगी। क्या करें, जिससे भय छूट जाए? पहली बात, जो तुमने कभी नहीं की है, वह भय को स्वीकार कर लेना। क्योंकि जितना तुम अस्वीकार करोगे, उतने ही तुम भयभीत होने लगोगे।

 भय को स्वीकार कर लेना है कि स्वाभाविक है। मिटने जा रहे हैं, भय तो लगेगा। बड़े से बड़े युद्ध-क्षेत्र में जा रहे हैं, भय तो लगेगा। स्वेच्छा से मृत्यु में उतर रहे हैं। अपने हाथ से सीढि़यां लगा रहे हैं, भय तो लगेगा। स्वाभाविक है, स्वीकार कर लेना है। कंपते हुए पैर से जाना है। कंपते हुए पैर से जाएंगे।अगर तुमने स्वीकार कर लिया तो तुम पाओगे कि जैसे-जैसे तुम स्वीकार करने लगोगे, वैसे-वैसे भय दूर होने लगेगा। अगर तुमने अस्वीकार किया और तुम उससे लड़ने लगे और दबाने लगे, तो तुम ज्यादा से ज्यादा भय को अपनी छाती में भीतर दबा सकते हो।लेकिन जो भीतर दबा है, वह तुम्हें हमेशा कंपाएगा।

 और जब भी ध्यान समाधि के करीब पहुंचने लगेगा, जब भी ऐसा लगेगा कि अब मिटे, वह भय उभर कर खड़ा हो जाएगा। फूट पड़ेगा, विस्फोट हो जाएगा। वह तुम्हें भर देगा।

16 TIPS TO SUCCESS IN NETWORK MARKETING

Network Marketing is a relationship business. People do business with people they know, like, and trust. Therefore, if you want someone to join you in your business, it’s time well spent to develop a trusting relationship with them first. As far as I’m concerned, this is a no-brainer. You might find out you don’t actually like the person that much. Once you sponsor someone, it is your responsibility to help that person succeed. In the beginning you need be in constant contact with him or her. Working closely with someone you like and trust is a whole lot nicer than working with someone that’s not very pleasant to be around. 

Now, here are some other tips to help you become successful: 

Find a leader in your group that you can resonate with – follow the leaders.Get to know your industry. It’s important to be proud of it.
Know your company. Who are the owners? What are their philosophies?  Become a teacher of teachers. Identify someone who is teaching things that are important to you and suggest their teachings.
Find out about the resources that are available – conference calls, websites, etc.
Get your ego out of the way.
Be consistent with your efforts.
Borrow credibility if you don’t have it. 
If you’re just starting out edify the leaders who have experienced success.
Have integrity and genuine concern.
Step out of your comfort zone.
Be accountable.
Invest in yourself. 
Develop a library and work on the areas of your life you fall short on.
Treat your business like a real business.
Connect with others at events.
Be clear on your why and let those you trust know exactly what your dreams are

5 चीजें जो आपको नहीं करनी चाहिए और क्यों ?

दोस्तों  जाने  अनजाने  हम  ऐसी  कई  चीजें करते  हैं  जो  हमारे  personal development के  लिए  ठीक  नहीं  होतीं. वैसे  तो  इन  चीजों  की  list बहुत  लम्बी  हो  सकती  है  पर  मैं  आपके  साथ  सिर्फ  पांच  ऐसी  बातें  share कर  रहा  हूँ  जो  मैं  follow करता  हूँ .हो  सकता  है  कि  आप  already इनमे  से  कुछ  चीजें  practice करते  हों , पर  अगर  आप  यहाँ  से  कुछ  add-on कर  पाते  हैं  तो  definitely वो  आपके  life को  better बनाएगा . So , let’s see those 5 things:
5 चीजें  जो  आपको  नहीं  करनी  चाहिए  और  क्यों ?
 1) दूसरे  की  बुराई  को  enjoy करना  ये  तो  हम  बचपन  से  सुनते  आ  रहे  हैं  की  दुसरे  के  सामने  तीसरे  की  बुराई  नहीं  करनी  चाहिए , पर  एक और  बात  जो  मुझे  ज़रूरी  लगती  है  वो  ये  कि  यदि  कोई  किसी  और  की  बुराई  कर  रहा  है  तो  हमें  उसमे  interest नहीं  लेना  चाहिए  और  उसे  enjoy नहीं  करना  चाहिए . अगर  आप  उसमे  interest दिखाते  हैं  तो  आप  भी  कहीं  ना  कहीं  negativity को  अपनी  ओर  attract करते  हैं . बेहतर  तो  यही  होगा  की  आप  ऐसे  लोगों  से  दूर  रहे  पर  यदि  साथ  रहना  मजबूरी  हो  तो  आप  ऐसे  topics पर  deaf and dumb हो  जाएं  , सामने  वाला  खुद  बखुद  शांत  हो  जायेगा . For example यदि  कोई  किसी  का  मज़ाक  उड़ा रहा  हो  और  आप  उस पे  हँसे  ही  नहीं  तो  शायद  वो  अगली  बार  आपके  सामने  ऐसा  ना  करे . इस  बात  को  भी  समझिये  की  generally जो  लोग  आपके  सामने  औरों  का  मज़ाक  उड़ाते  हैं  वो  औरों  के  सामने  आपका  भी  मज़ाक  उड़ाते  होंगे . इसलिए  ऐसे  लोगों  को  discourage करना  ही  ठीक  है .
2) अपने  अन्दर  को  दूसरे  के  बाहर  से  compare करना  इसे  इंसानी  defect कह  लीजिये  या  कुछ  और  पर  सच  ये  है  की  बहुत  सारे  दुखों  का  कारण  हमारा  अपना  दुःख  ना  हो  के  दूसरे   की  ख़ुशी  होती  है . आप  इससे  ऊपर  उठने  की  कोशिश  करिए , इतना  याद  रखिये  की  किसी  व्यक्ति  की  असलियत  सिर्फ  उसे  ही  पता  होती  है , हम  लोगों  के  बाहरी यानि नकली रूप  को  देखते  हैं  और  उसे  अपने  अन्दर के यानि की असली  रूप  से  compare करते  हैं . इसलिए  हमें लगता  है  की  सामने  वाला  हमसे  ज्यादा  खुश  है , पर  हकीकत  ये  है  की  ऐसे  comparison का  कोई  मतलब  ही  नहीं  होता  है . आपको  सिर्फ  अपने  आप  को  improve करते  जाना  है और व्यर्थ की comparison नहीं करनी है.
3) किसी  काम  के  लिए  दूसरों  पर  depend करना  मैंने  कई  बार  देखा  है  की  लोग  अपने  ज़रूरी काम  भी  बस  इसलिए  पूरा  नहीं  कर  पाते क्योंकि  वो  किसी  और  पे  depend करते  हैं . किसी  व्यक्ति  विशेष  पर  depend मत  रहिये . आपका  goal; समय  सीमा  के  अन्दर  task का  complete करना  होना चाहिए  , अब  अगर  आपका  best  friend तत्काल  आपकी  मदद  नहीं  कर  पा  रहा  है  तो  आप  किसी  और  की  मदद  ले  सकते  हैं , या  संभव  हो  तो  आप  अकेले  भी  वो  काम  कर  सकते  हैं . ऐसा  करने  से  आपका  confidence बढेगा , ऐसे  लोग  जो  छोटे  छोटे  कामों  को  करने  में  आत्मनिर्भर  होते  हैं  वही  आगे  चल  कर  बड़े -बड़े  challenges भी  पार  कर  लेते  हैं , तो  इस  चीज  को  अपनी  habit में  लाइए  : ये  ज़रूरी  है की  काम  पूरा  हो  ये  नहीं  की  किसी  व्यक्ति  विशेष  की  मदद  से  ही  पूरा  हो .
4) जो बीत गया  उस  पर  बार  बार  अफ़सोस  करना अगर  आपके  साथ  past में  कुछ  ऐसा  हुआ  है  जो  आपको  दुखी  करता  है  तो  उसके  बारे  में  एक  बार  अफ़सोस  करिए…दो  बार  करिए….पर  तीसरी  बार  मत  करिए . उस  incident से जो सीख  ले  सकते  हैं  वो  लीजिये  और  आगे  का  देखिये . जो  लोग  अपना  रोना  दूसरों  के  सामने  बार-बार  रोते  हैं  उसके  साथ  लोग  sympathy दिखाने  की  बजाये उससे कटने  लगते  हैं . हर  किसी  की  अपनी  समस्याएं  हैं  और  कोई  भी  ऐसे  लोगों  को  नहीं  पसंद  करता  जो  life को  happy बनाने  की  जगह  sad बनाए . और  अगर  आप  ऐसा  करते  हैं  तो  किसी  और  से  ज्यादा  आप ही  का  नुकसान  होता  है . आप  past में  ही  फंसे  रह  जाते  हैं , और  ना  इस  पल  को  जी  पाते  हैं  और  ना  future के  लिए  खुद  को prepare कर  पाते  हैं .
5) जो  नहीं  चाहते  हैं  उसपर  focus करना  सम्पूर्ण ब्रह्मांड में हम जिस चीज पर ध्यान केंद्रित करते हैं उस चीज में आश्चर्यजनक रूप से वृद्धि होती है.  इसलिए   आप  जो  होते  देखना  चाहते  हैं  उस  पर  focus करिए , उस  बारे  में  बात  करिए  ना  की  ऐसी  चीजें  जो  आप  नहीं  चाहते  हैं . For example: यदि  आप अपनी  income बढ़ाना  चाहते  हैं  तो  बढती  महंगाई  और  खर्चों  पर  हर  वक़्त  मत  बात  कीजिये  बल्कि  नयी  opportunities और  income generating ideas पर  बात  कीजिये .
इन  बातों पर  ध्यान  देने  से  आप  Self Improvement के  रास्ते  पर  और  भी  तेजी  से  बढ़ पायेंगे  और  अपनी  life को  खुशहाल  बना  पायेंगे .
All the best.

करोड़पति बनना है तो नौकरी छोडिये…….

मैंने कुछ दोस्तों से भी ये प्रश्न किया उनकी सूची में भी किसी नौकरी करने वाले का नाम नहीं था. अब ये बात और है की आप दिमाग पे जोर डालेंगे तो कुछ ऐसे लोग मिल जायेंगे पर इनमे से ज्यादातर के बाल या तो सफ़ेद हो चुके होंगे या फिर पूरी फसल ही साफ़ हो चुकी होगी.अगर बाल सफ़ेद करा कर Crorepati बनाना है तो नौकरी  बुरी नहीं है..तीन-चार  promotion  और  15- 20 साल  में Crorepati बन ही जायेंगे… पर ऐसे बने तो बच्चों के लिए बनेंगे अपने लिए नहीं…और मज़ा तो अपने लिए बनने में है….क्यों? और अगर अपने लिए Crorepati बनना है तो खुद बनना होगा एक Entrepreneur.
यहाँ एक बात कहना चाहूँगा कुछ लोग ज्यादा पैसा कमाने कि इच्छा रखने वालों को उतनी  respect  से नहीं देखते हैं, पर मुझे लगता  है कि इस मंहगाई को देखकर उनके विचार में भी बदलाव आ चुका होगा….कितना कमाना  ज्यादा कमाना है इसकी परिभाषा बड़ी तेजी से बदल रही है…मेरी नज़र मैं ज्यादा पैसे कमाने कि इच्छा रखना एक अच्छी बात है..  बशर्ते उसे कमाने के लिए गलत काम न किये जाएँ. और शायद इस article  को भी वही लोग पढ़ रहे होंगे जो ऐसी इच्छा रखते होंगे वरना article  का title  पढ़ने के बाद ही वो किसी और topic  पर चले गए होते.चलिए अब आते हैं main मुद्दे पर :
पर नौकरी छोडें कैसे ? सवाल बिलकुल ठीक है. पर उससे भी बड़ा एक सवाल है:, “नौकरी छोड़ी तो करेंगे क्या ?”अगर आपके मन में ये दूसरा सवाल आ रहा है तो उसका मेरे पास कोई जवाब नहीं है. क्योंकि ये तो आपके अंदर से आने वाली  आवाजा है कि आप क्या करना चाहते हैं . और यदि यह नहीं आ रही है तो अभी आप इस तरह के  step  के लिए बिलकुल तैयार नहीं हैं…पर ये बात पक्की है कि यदि आप चाहें तो समय के साथ खुद को तैयार कर सकते हैं.
पर यदि आप उनमे से हैं जिनका कोई सपना है ,जो कुछ बड़ा, कुछ महान , कुछ अपना  करना चाहते हैं तो आपको पहले प्रश्न के बारे में सोचना ही होगा. क्योंकि अगर आप अभी नहीं सोचेंगे तो आगे आपके लिए ये सोचना और भी मुश्किल हो सकता है भविष्य में: आपकी जिम्मेदारियां बढ़  जायेंगी यानी आपकी risk  लेने की क्षमता घट जायेगी. हो सकता ही आपकी  salary  बढ़ जाए और आप खुद को समझा लें. कि “चल भाई पैसे आ तो रहे हैं…अब और क्या चाहिए.” कुछ लोग सोच सकते हैं कि lecture देना आसान है पर करना बहुत मुश्किल है. बात सच है ,पर ये भी सच है कि ये करना मुश्किल ज़रूर है पर असंभव नहीं.
अगर Dheerubhai Ambani ने petrol pump की नौकरी नहीं छोड़ी होती तो क्या आज  Reliance  जैसी company होती? अगर Narayan Murthy ने Patni Computers की अपनी नौकरी नहीं छोड़ी होती तो क्या आज Infosys का कोई वजूद होता?Amitabh Bachchan  ने भी पहले  Shaw Wallace और बाद में Bird & Co, नमक एक  shipping firm में काम किया, अगर उन्होंने भी अपने दिल कि आवाज़ नहीं सुनी होती तो भला भारत को कहाँ मिलता इतना बड़ा महानायक? ये बहुत बड़े-बड़े उदाहरण हैं, जिन्हें हम सब जानते हैं पर यकीन जानिए कि ऐसी हजारों success stories  हैं, जहाँ पर लोगों ने अपनी सोच को हकीकत में बदल कर दिखाया है…गांव की गलियों से निकल कर शहर की बुलंदियों को अपना बनया है. खुद बने हैं Crorepati और कईयों को लखपति बनाया है.
पर अभी भी हमारा जो पहला सवाल था कि “पर नौकरी छोडें कैसे?”वो वहीँ का वहीँ बना हुआ है. कहने की बात नहीं है कि ये एक एक बहुत ही बड़ा step  है, और बस यूँहीं नहीं लिया जा सकता है. इस क्रांतिकारी कदम को वही उठा सकता है जिसके मन में कुछ अपना करने की तीव्र इच्छा हो और वो अपने plan  को execute करने के लिए बहुत ज्यादा passionate हो. जिनके अंदर वाकई में कुछ कर गुजरने की दीवानगी होती है, वो इधर-उधर की बातें ज्यादा नहीं सोचते और बस लग जाते हैं अपने प्रयासों में. पर हम मे से ज्यादातर लोग (including me) कुछ करना तो चाहते हैं, पर हमारे अंदर एक डर सा लगा होता है कि कहीं हम fail  हो गए तो जो है वो भी चला जायेगा. ये डर वाजिब भी है. इसीलिए मेरी समझ से एक बीच का रास्ता निकालना अच्छा साबित हो सकता है , जैसे कि कोई Side-Business शुरू कर के. ये एक पुराना अजमाया हुआ तरीका है, जो आपने अपने आस-पास देखा भी होगा. Office timing के बाद और छुट्टी के दिनों में लोग अपने साइडी-बिजनेस को करते हैं और जब धीरे-धीरे बिजनेस ट्रैक पर आ जाता है तो अपनी नौकरी छोड़ कर पूरा समय business  में लगाते हैं. एक छोटा सा उदहारण देना चाहूँगा जो मैंने Rashmi Bansal जी की “Connect The Dots” book में पढ़ा था. N Mahadevan के अंदर एक Hotelier बनने की चाहत थी पर भाग्य ने उन्हें एक Professor  बना दिया था, पर उन्होंने ने भाग्य के इस फैसले को चुनौती दी और Madras University  में अपनी Professor कि prestigiuos job  छोड़ कर उन्होंने multi-million dollarFood Empire खड़ा कर दिया.
सुबह 9 बजे से शाम को 4:30 बजे तक पढाने के बाद इन्होने काम समझने के लिए एक और  जॉब पकड़ ली, वो रोजाना शाम 6 से रात 12 बजे तक एक hotel में duty  करने लगे .जब काम समझ आ गया और कुछ पैसे इकठ्ठा हो गए तो उन्होंने खुद का एक Chinese resturant शुरू कर दिया.आज उनके restaurants 16 देशों में हैं ,जिनमे कुल 3000 employee  काम करते हैं. इन्होने खुद तो MBA  नहीं किया है पर IIM-Ahmedabad से pass-out बंदे को busineess सँभालने के लिए रखा हुआ है.
मेरा plan : शायद आप जानते होंगे कि मैं भी  job कर रहा हूँ, और मैंने भी अपने लिए एक रास्ता चुना है, जो मैं आपको बताना चाहूँगा, हो सकता है आपके लिए भी इसमें से कुछ idea  निकल आये. मेरा idea , दर-असल मेरा और मेरी wife Padmaja  का idea है . शादी से पहले वो job करती थी, पर हमने decide किया कि शादी के बाद  husaband और wife दोनों का  job करना एक बेवकूफी  है. क्योंकि ऐसा करके हम हर महीने अपनी income में 10-20 हज़ार रुपये extra तो जोड़ सकते हैं पर Crorepati नहीं बन सकते. इसलिए उसने job  छोड़ दी.अब आगे कुछ करना था.
चूँकि शुरू  से ही उसका मन beauty related  चीजों में ज्यादा लगता था इसलिए हमने decide  किया कि हम अपने एक बहुत ही standard beauty parlour खोलेंगे, और धीरे-धीरे इसकी branches आस-पास   के अन्य शहरों में खोलेंगे. वो parlour कि अंदरूनी चीजों का ध्यान रखेगी और मैं promotional activities और expansion के लिए काम करूँगा .खुशी की बात ये है कि हमने इस प्लान को  execute करने की शुरुआत भी कर दी  है.पहला step  इस business को करीब से समझने का था , इसीलिए फिलहाल Padmaja  VLCC से Beauty से related एक formal certification course  कर रही है और part –time एक जान-पहचान के parlour में practice करके अपनी skills  को और भी निखार रही है. इसके बाद कुछ चीजें और करनी होंगी और हमारा plan implementहो जायेगा. अब इसमें हमें सफलता मिलेगी या नहीं ये हम नहीं जानते…पर अगर हमने try भी नहीं किया तो ये बिना match  खेले ही हार मान लेना होगा. और हमें तो जीतना है.
मेरे कुछ दोस्तों ने भी ऐसा ही कुछ किया है, मेरे friend Vaibhav Srivastava ने job करते हुए एक tution center की franchisee ली है और कुछ partners की मदद से उसे profitable  बनाने में लगा हुआ है. मेरे एक अन्य मित्र Rahul Sahay ने भी Reliance Life Insurance में काम करते हुए कुछ दोस्तों साथ मिलकर एक Vocational Training Centre, NIPS और एक शानदार restautrant खोल लिया है. बहुत सारे लोग बहुत सारी ideas के साथ अपने-अपने सपनो को साकार करने में लगे हुए है, और कर रहे हैं,हम इंसानों में यही तो खास बात है ,हम जो सपने देखते हैं उन्हें साकार भी कर सकते हैं. अंत में यही कहना चाहूँगा कि “कोई risk ना लेना ही जिंदगी का सबसे बड़ा risk है” और ये risk  आप नहीं उठा सकते इसलिए अपने दिल की आवाज़ सुनिए और अपने सपनो को साकार कीजिये.All the best !